|| श्री गणेशाय नमः ||
कल्याण
गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित आध्यात्मिक मासिक पत्रिका
होम पेज
गीता प्रेस के बारे में
गीता प्रेस की स्थापना  1923 में  गीता को जन मानस तक पहुचाने के उद्देश्य से हुयी थी।

गीता प्रेस गोबिन्द भवन कार्यालय की एक ईकाई है।

गीता प्रेस का होम पेज
हमसे संपर्क करें
कल्याण को मंगाने हेतु
विशेषांको की सूची
पुस्तक दुकानों की सूची

नित्य प्रार्थना

prayer

कर प्रणाम तेरे चरणों में लगता हूँ अब तेरे काज ।
पालन करने को आज्ञा तव मैं नियुक्त होता हूँ  आज ॥
अन्तर में स्थित रहकर मेरे बागडोर पकड़े रहना ।
निपट निरंकुश चंचल मन को सावधान करते रहना ॥

अन्तर्यामी को अन्त:स्थित देख सशंकित होवे मन ।
पाप वासना उठते ही हो नाश लाज से वह जलभुन ॥
जीवों का कलरव जो दिनभर सुनने में मेरे आवे ।
तेरा ही गुणगान जान मन प्रमुदित हो अति सुख पावे ॥

तू ही है सर्वत्र व्याप्त हरि तुझमें सारा यह संसार ।
इसी भावना से अंतर भर मिलूँ सभी से तुझे निहार ॥
प्रतिपल निज इन्द्रिय समूह से जो कुछ भी आचार करूँ ।
केवल तुझे रिझाने को बस तेरा ही व्यवहार करूँ ॥

कर प्रणाम तेरे चरणों में लगता हूँ अब तेरे काज ।
पालन करने को आज्ञा तव मैं नियुक्त होता हूँ  आज ॥

पठन सामग्री
प्रार्थना
कल्याण  की  आवश्यकता (संपादकीय निवेदन)
प्रवेशांक (1926)
भगवन्नाम अंक (1927)
भक्त अंक (1928)
श्रीमद्भगवद्गीता अंक (1929)
ईश्वर अंक (1932)
शक्ति अंक (1934)
योग अंक (1935)
साधना अंक (1940)
नारी अंक (1948)
उपनिषद अंक (1949)
भक्त-चरित अंक (1952)
बालक अंक (1952)
नारद-विष्णु पुराण अंक (1954)
संतवाणी अंक (1955)
सत्कथा अंक (1956)
भक्ति अंक (1958)
मानवता अंक (1959)
योग वाशिष्ठ अंक (1961)
धर्म अंक (1966)
अग्नि पुराण अंक (1970)
गर्ग संहिता अंक (1971)
सदाचार अंक (1978)
सूर्य अंक (1979)
निष्काम कर्म योग अंक (1980)
वामन पुराण अंक (1982)
चरित्र निर्माण अंक (1983)
मत्स्य पुराण अंक (1985)
योगतत्त्व-अंक (1991)
अवतार कथा अंक (2007)
देवी भागवत-1 अंक  (2008)
देवी भागवत-2 अंक  (2009)
जीवनचर्या अंक (2010)
दानमहिमा अंक (2011)
भक्तमाल अंक (2013)
सेवा अंक (2015)
गंगा अंक (2016)

2016 गीता प्रेस गोरखपुर. समस्त अधिकार सुरक्षित